यदि आप एमबीबीएस पाठ्यक्रम में एडमिशन लेना चाहते हैं और आपने नीट का एग्जाम पास किया है। तो ऐसे में आपको यह जानना अत्यंत आवश्यक है कि आपको कौन से सरकारी मेडिकल कॉलेज में प्रवेश मिल सकता है। दरअसल यह सबसे ज्यादा इस बात के ऊपर निर्भर करता है कि आपके अंक कितने आए हैं और आपकी श्रेणी कौन सी है।
दरअसल जब नीट का रिजल्ट आता है तो इसके बाद विद्यार्थियों को इसी बात की उत्सुकता रहती है कि इन्हें कौन से कॉलेज में एडमिशन प्राप्त हो सकता है। तो ऐसे में हम आपको बता दें कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के द्वारा इस परीक्षा के नतीजे को 14 जून को उत्तर कुंजी के साथ घोषित कर दिया गया है। इसलिए अब छात्रों के सामने बस यही समस्या है कि इन्हें देश के कौन से सरकारी कॉलेज में दाखिला मिलेगा।
अगर आपको भी एमबीबीएस कॉलेज में एडमिशन के लिए नीट कट ऑफ की जानकारी चाहिए तो इसके लिए हमारा यह आर्टिकल पूरा पढ़िए। आज आप सभी विद्यार्थियों को हम यही जानकारी देंगे कि कितने अंक लाने पर आपको कहां एडमिशन मिलेगा। इस तरह से आज के इस पोस्ट में हम आपको नीट कट ऑफ और अन्य अहम जानकारी उपलब्ध कराएंगे।
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NEET Cut Off for MBBS College
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने 14 जून को नीट की परीक्षा के नतीजे की घोषणा कर दी है। इस प्रकार से परिणाम के साथ-साथ सभी परीक्षार्थियों को कट ऑफ अंक भी जारी किए गए हैं। इस तरह से हम आपको बता दें की लाखों विद्यार्थी जो नीट की परीक्षा में सफल हुए हैं। इन सबको बस यही प्रतीक्षा है कि इन्होंने जो अंक हासिल किए हैं इसके आधार पर इन्हें सीट प्राप्त हो सकेगी या नहीं।
आपको हम यहां जानकारी के लिए बता दें कि इस बार जब नीट की परीक्षा का आयोजन करवाया गया था तो तब इसमें लगभग 22 लाख से भी अधिक उम्मीदवारों ने भाग लिया था। इस प्रकार से 12 लाख विद्यार्थी ऐसे रहे जिन्होंने नीट के एग्जाम को पास कर लिया है। परंतु सीटों की संख्या क्योंकि सीमित होती है और इस वजह से प्रतिस्पर्धा भी अधिक रहती है।
यही कारण है कि विद्यार्थी इस कड़ी स्पर्धा के कारण काफी ज्यादा परेशान रहते हैं। इस प्रकार से हम आपको यह बता दें कि आप सभी के लिए यह जान लेना अनिवार्य है कि आपका स्कोर कितना है और आपकी श्रेणी क्या है जिससे कि आपको सरकारी मेडिकल कॉलेज में प्रवेश मिल सकता है।
नीट कट ऑफ के तहत क्वालीफाइंग अंक
नीट कट ऑफ के अंतर्गत न्यूनतम स्कोर काफी ज्यादा महत्व रखता है। इस तरह से यह हर छात्र की काउंसलिंग के लिए अनिवार्य होता है। यहां आपको हम जानकारी के लिए यह भी बताते चलें कि जो सामान्य और ईडब्ल्यूएस श्रेणी के अभ्यर्थी होते हैं इनके लिए कट ऑफ का 50वां परसेंटाइल निर्धारित किया गया है। इस प्रकार से इस श्रेणी के छात्रों को अनुमानित तौर पर 160 अंकों से लेकर 720 अंक लाने होते हैं।
जबकि ऐसी अभ्यर्थी जो अन्य पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति से संबंधित होते हैं इन सबके लिए 40वां परसेंटाइल निर्धारित किया गया होता है जिसके तहत 125 अंकों से 159 मार्क्स लाने आवश्यक हो सकते हैं।
NEET Category Wise Cut Off Marks
| Category | Cut Off Marks |
|---|---|
| General (UR) | 720 – 138 |
| OBC/SC/ST | 137 – 108 |
| UR-PwD | 137 – 122 |
| SC/ST/OBC-PwD | 121 – 108 |
नीट कट ऑफ को प्रभावित करने वाले कारक
जानकारी के लिए बता दें कि नीट की परीक्षा की कट ऑफ हर वर्ष अलग-अलग जारी होती है क्योंकि यह बहुत सी बातों के ऊपर निर्भर होती है जैसे :-
- परीक्षा का स्तर नीट की कट ऑफ पर बहुत ज्यादा प्रभाव डालता है क्योंकि यदि पेपर मुश्किल होता है तो ऐसे में कट ऑफ कम जा सकती है।
- कट ऑफ को एक दूसरी चीज यह प्रभावित करती है की सीटों की कुल संख्या कितनी है। यदि एमबीबीएस या बीडीएस की सीटें ज्यादा होती हैं तो ज्यादा विद्यार्थियों को अवसर प्राप्त हो सकता है
- नीट के कट ऑफ अंक विद्यार्थियों के प्रदर्शन और कोचिंग स्तर पर भी सबसे ज्यादा निर्भर होते हैं।
नीट कट ऑफ अंक राज्यवार प्रदर्शन
इस बार जब नीट की परीक्षा का रिजल्ट जारी हुआ तो इसमें हमारे देश के जो सबसे ज्यादा सफल छात्र रहे हैं वे महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और राजस्थान से संबंध रखते हैं। बता दें कि यूपी के कुल 3 लाख 30 हजार विद्यार्थियों ने नीट परीक्षा में भाग लिया था। जिनमें से 1 लाख 70 हजार छात्रों ने सफलता हासिल की है।
बताते चलें कि महाराष्ट्र के 2 लाख 40 हजार विद्यार्थी शामिल हुए था और इनमें से 1 लाख 20 हजार से अधिक छात्रों ने परीक्षा को उत्तीर्ण कर लिया है। तो नीट के एग्जाम के बाद जो कट ऑफ अंक होते हैं वह सभी विद्यार्थियों के लिए सरकारी मेडिकल कॉलेज में एडमिशन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माने जाते हैं।
















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